हरी सब्ज़ियां और फल खाने से बस सेहत ही नहीं बनती, बल्कि तनाव का ख़तरा भी कम होता है
हरी सब्ज़ियां और फल खाने से बस सेहत ही नहीं बनती, बल्कि तनाव का ख़तरा भी कम होता है

बचपन से हम फलों और सब्ज़ियों के फायदों की बातें सुनते आये हैं. घर में हमेशा हरी सब्ज़ियां खाने की सलाह दी जाती है. डॉक्टर्स भी स्वस्थ रहने के लिए हरी सब्ज़ियों का महत्व बताते हैं. सेहत के लिए तो हरी सब्ज़ियां फ़ायदेमंद हैं ही, लेकिन साथ ही साथ ये आपके लिए और भी कई मायने में लाभप्रद है. एक शोध से ऐसा सामने आया है कि सब्ज़ियों में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो दिन के अंत में हमारे दिमाग से तनाव निकालने में भी मददगार होते हैं. शोध के अनुसार, जो दिन में चार बार सब्ज़ियां खाता रहता है, उसमें सब्ज़ियां न खानों वालों की तुलना में काफ़ी कम तनाव देखने को मिला है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि जो दिन में चार से पांच बार सब्ज़ियां खाते हैं, उनमें तनाव का ख़तरा दिन में एक बार या बिलकुल नहीं खाने वालों की अपेक्षा 12 प्रतिशत कम रहता है. ये एक पुरानी रिसर्च से भी सामने आया है कि कुछ सब्ज़ियां जैसे पालक और पत्तेवाली सब्ज़ियां दिमाग में मूड को स्थिर रखने वाले तत्व जैसे Serotonin और Dopamine पैदा करती हैं. इस नई रिसर्च को ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी में किया जा गया था, जिसमें 45 साल और उससे ऊपर के लगभग 60,000 लोग शामिल थे. इसके बाद शोधकर्ताओं ने फल और सब्ज़ी खाने वालों के रहन-सहन, मनोवैज्ञानिक तनाव और अन्य चीज़ों की जांच की. ये जांच पहली बार 2008 में और दूसरी बार 2010 में की गई. इसके बाद उन लोगों को दस-दस प्रश्नों के सेट दिए गये और उन्हें उसका जवाब देने को कहा गया. ये प्रश्नावली उनके दिमाग में तनाव और स्ट्रेस की जांच के लिए थी. उनके जवाब के बाद ये पाया गया कि ऐसे लोग, जो निरंतर रूप से फल और सब्ज़ियां खाते थे, उनके जवाब काफ़ी सटीक और तार्किक पाए गये, जबकि फल और सब्ज़ियां नहीं खाने वालों के जवाब में खीझ झलक रही थी.

हरी सब्ज़ियां और फल खाने से बस सेहत ही नहीं बनती, बल्कि तनाव का ख़तरा भी कम होता है
हरी सब्ज़ियां और फल खाने से बस सेहत ही नहीं बनती, बल्कि तनाव का ख़तरा भी कम होता है

फिर ऐसा निष्कर्ष भी सामने आया कि जो दिन में एक बार भी फल और सब्ज़ी नहीं खाते, उन्हें स्ट्रेस का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है. तीन से चार बार सब्ज़ी खाने वालों के लिए ये ख़तरा 12 प्रतिशत कम हो जाता है और पांच से सात बार सब्ज़ी और फल खाने वालों के लिए ये ख़तरा 14 प्रतिशत तक घट जाता है. औरतों के लिए तो ये और भी फ़ायदेमंद है. तीन से चार बार सब्ज़ियां खाने वाली औरतों में स्ट्रेस का ख़तरा 18 प्रतिशत तक कम हो जाता है. शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान औरतों को, युवाओं को, कम शिक्षित व बेरोजगारों को, मोटापे से पीड़ित लोगों को और धूम्रपान करने वाले व समाज से अलग रहने वालों को चुना था. रिसर्च से ये भी सामने आया कि बस फल खाने से स्ट्रेस में कोई कमी नहीं आती. साथ ही सात बार से ज़्यादा सब्ज़ियां और फल खाने पर भी कोई ख़ास बदलाव नहीं आता. जैसे पूरी दवाई एक ही बार में खाकर आप एक दिन में ठीक नहीं हो सकते, वैसे ही निर्धारित मात्रा से ज़्यादा सब्ज़ियां खाकर भी आप स्ट्रेस से दूर नहीं रह सकते.

इसलिए सब्ज़ियां जम कर खाएं. स्वाद के साथ ही सेहत बनायें और तनाव को बाहर का रास्ता दिखाएं.

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