रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है
रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है
रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है

अगर भविष्य में आपका Astronaut बनना और मंगल ग्रह पर जाने का सपना है, तो पहले इस खतरे को जान लीजिए. एक रिसर्च के अनुसार, मंगल ग्रह से निकले वाली किरणें Leukaemia यानि खून के कैंसर का कारण बन सकती हैं. वैज्ञानिकों ने ये रिसर्च चूहों पर की है. रिसर्च के लिए चूहों के शरीर में इंसाने के स्टेम सेल डाले गए. वैज्ञानिकों ने पाया कि ये दो तरह से कैंसर का कारण बनता है.

जब व्यक्ति इन किरणों के संपर्क में आता है, तो इंफ़ेक्शन से लड़ने वाले सेल पर बुरा असर होता है. इसके बाद ट्यूमर और इंफ़ेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. ये हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली यानि इम्यून सिस्टम को कमज़ोर कर देता है और किरणों की वजह से कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है.

रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है
रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है

Wake Forest Institute for Regenerative Medicine के शोधकर्ताओं ने बताया कि इलेक्ट्रॉन के संपर्क में आते ही कोशिकाओं को आनुवांशिक नुकसान पहुंचता है. ये कैंसर का एक कारण है.

अंतरिक्ष में यात्रा करते वक़्त एस्ट्रोनॉट सूरज के कई ऊर्जावान कणों और गांगेय कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आते हैं. इसे प्रयोगशाला में जांचने के लिए रिसर्चर्स ने चूहों के शरीर में इंसानों के Hematopoietic Stem Cells (HSCs) डाले. HSCs हमारे शरीर में वो ब्लड सेल बनाते हैं, जो शरीर में आॅक्सिजन पहुंचाते हैं, इंफ़ेक्शन से लड़ते हैं.

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रिसर्च के अुनसार, मंगल ग्रह पर जाना खतरे के खाली नहीं, अंतरिक्ष की किरणों से ब्लड कैंसर हो सकता है

प्रयोगशाला में चूहों पर वैसे ही प्रोटॉन और आयन छोड़े गए, जो मंगल ग्रह जाते वक़्त व्यक्ति के संपर्क में आते हैं. रिसर्च में पाया गया कि चूहे जैसे ही इन कणों के संपर्क में आते हैं, वो T-Cell Acute Lymphoblastic Leukaemia बना लेते हैं. इन कणों की ये मात्रा HSCs पर बुरा असर करती है और कैंसर का कारण बनती है. इससे White Blood Cells भी 80 प्रतिशत तक बनना बंद हो जाते हैं.

अभी वैज्ञानिक इससे बचाव के तरीकों पर काम कर रहे हैं.