Hyperloop
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1200 कि.मी. प्रति घंटे की रफ़्तार से लगेगा सड़क पर होने वाले जाम पर ब्रेक, Hyperloop है भविष्य की सवारी

आने वाले वक़्त में ट्रैफ़िक का क्या हाल होने वाले है? ज़्यादातर लोग मानेंगे कि हालात बुरे होंगे, गाड़ियों से सड़के भर जाएंगी और जाम समस्या नहीं, लोगों की आदत बन जाएगी. लेकिन अगर हम कहें कि ऐसा कुछ नहीं होगा, उल्टा सड़कों से ट्रैफ़िक कम हो जाएगा और जहां आज आप घंटों में पहुच जाते हैं, वहां मिनटों में पहुचेंगे. सुन कर थोड़ा आश्चर्य ज़रूर होगा आपको. लेकिन भारत में होने वाला है.

कैसे? इसका जवाब है Hyperloop. जी हां, Hyperloop Transportation Technology नाम की कंपनी जल्द ही भारत में भविष्य की सवारी लाने वाली है. कंपनी के मालिक Bibop Gabriele Gresta ने भारत की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफ़िक को ध्यान में रख कर अपने प्रोजेक्ट को भारत में शुरू करने की सोची है.

लेकिन आप सोच रहे होंगे कि ये Hyperloop काम कैसे करेंगे? दरअसल इन्हें चलाने के लिए शहरों के बीच Tunnel बनाए जाएंगे, जिसमें ये Hyperloop, Supersonic गति से चलेंगे. इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने सबसे पहले मुंबई से पुणे को चुना है.

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अपने प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए कंपनी से सिर्फ़ जगह और इजाज़्त की ज़रूरत है. इस काम में खर्च होने वाले सारे पैसे कंपनी खुद लगाएगी. इसके लिए उन्होंने देश के ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की है

Hyperloop
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इस वक़्त मुंबई से पुणे तक का सफ़र 3 घंटो का है, लेकिन Hyperloop प्रोजेक्ट को हरी झंड़ी मिलती है, तो ये सफ़र घट कर 25 मिनट का रह जाएगा. ये एक क्रांतिकारी कदम होगा.

प्रोजेक्ट के बारे में और बात करते हुए Gabriele ने बताया की हर 30 सेंकेंड में एक Hyperloop स्टेशन से निकलेगा और हर में करीब 25 से 30 लोग होंगे. इस हिसाब से हर दिन करीब 67,000 लोग इसमें सफ़र कर सकते हैं और इसकी रफ़्तार होगी करीब 1200 किलोमीटर प्रति घंटा.

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भारतीय सरकार ने इस पर हांमी भरने के लिए 8 महीनों का वक़्त मांगा है. जिसमें वो इसके बारे में कुछ जानकारियां हासिल करना चाहेगी. देखते हैं कि सरकार इस पर क्या फ़ैसला लेती है. लेकिन पहली नज़र में ये Hyperloop Traffic की समस्या का एक बहुत बड़ा हल दिख रहा है.